किसे लाजाल हाय हार भाषा बाेरार्इके ।


            सबैनी  खस भाषा बाेरार्इकन हाय अाखन भाषा छाडल बाेरार्इके । हाय त गर्व करिके  पर्लार ठाउका  हार अखनै भाषा बाटै भेष बाटै  सस्कृती बाटै ।अरुई कोने पनि झुन बुझुस कई पनि पार्से कुरा सिखी परित हार त हार भाषा बोराल कने अरुके बुझिके गारो परित । हाय पार्से कुरा सिखीके नापरै अनि हार सन्तानके पनि यो भाषा सिखाईके परित नत्र हार भाषा लोप भैत हाय दरै भाषा बोराल देखी पनि हारै सन्तानहरु होसीके थालीत । हारै कारण हाय हार सन्तानको हासोको पात्र भैथार । 

इखराके दिल जि को कमेन्ट माटे लेल हो । 


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