दरै भाषा क शब्दहरुके बिर्साइ पनि हाय नेपाली भाषा के नै बाेली चालीका अानीके थाल्ल भैते हार भाषा हारै अगाडी मटे हेराइके थाल्ल बाटै । अाेही भैते हार बाेली चालीका अानी राखी परित अाख्न भाषा । हार चलन कस्न अइल कने कर राम्री, कर राम्राे कलार चलन आइके थाली सक्ल । असाध्य सताल कै के थाल्ल , स्वादीलो बाटै मिठो बाटै पनि कहिके थाल्ल हाय । कलेरो के लमी कहिके थाल्ल कने पाछी हार भाषा आबे धेरै पुस्ता सम्म नागुगै सबै नेपाली भाषाका मिसित इखर जिम्मेवारी हार पनि हो । सक्ल सम्म जोगालार काम करीके परित बुडक काम करिके नापरै जान्ल भाषा नालाजाई पनि बोराने सबै ठिक भैते आईत ।
| दरै भाषा | नेपाली भाषा | वाक्य दरै भाषा |
|---|---|---|
| राबुर्नी | राम्री | कर राबुर्नी बाठुनी काेनाे गाउँक हाे । |
| राबुर्नाे | राम्रो | कर राबुर्नाे तन्नेरी भादगाउँले हैन ? |
| अघ्घरै | असाध्य, अती | तँ त अघ्घरै अल्क्षी बाटस के । |
| सावात | स्वादीलाे, मिठो | तेर घरका क्या पाकाल ? सावात बासाल त ! |
| गुरे | गुलीयाे | ने छिप्पील अँखु खैल गुरे रलाइ रैके त । |
| कलेराे | लमी | बिहाका त कलेराे बसीके परिनै नी कतै जैल त बाठुनी जिस्काइके। |


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